भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान की मुख्य विशेषताएं जाने क्या है ?
भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान

भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान की मुख्य विशेषताएं जाने क्या है ?

भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान एक व्यापक ग्रामीण सार्वजनिक कार्य योजना है, जिसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 जून, 2020 को लॉन्च किया गया है।

आइये आप और हम इस आर्टिकल के माध्यम से भारत सरकार द्वारा लॉन्च गरीब कल्याण रोजगार अभियान के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं।

भारत सरकार ने देश को और ज्यादा सशक्त बनाने और आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए देश विदेश से घर लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण नागरिकों के लिए ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के इस अभियान के द्वारा गावों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाएगा।

भारत सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान कब और कहाँ से शुरू किया गया ?

यह योजना बिहार के मुख्यमंत्री (नितीश कुमार)और उपमुख्यमंत्री (सुशील मोदी) की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 जून, 2020 को सुबह 11 बजे गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की गयी।

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी
बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी

इसका शुभारंभ बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम-तेलिहार, ब्लॉक- बेलदौर से किया गया। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल लॉन्च) में अन्य पांच राज्यों के मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री ने भी भाग लिया।

और इसके साथ सार्वजनिक सेवा केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से, 6 राज्यों के 116 जिलों के गांव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे और महामारी COVID-19 के कारण सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखेंगे।

भारत सरकार द्वारा लांच यह अभियान कितने दिनों तक चलेगा?

भारत सरकार द्वारा लांच यह अभियान 4 महीनो से ज्यादा (125 दिनों) का है और यह मिशन मोड में चलाया जाएगा। एक ओर, यह 25 विभिन्न प्रकार के कार्यों के कार्यान्वयन और कार्यों को तेज करके प्रवासी श्रमिकों को रोजगार प्रदान करेगा और दूसरी ओर देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 50,000 करोड़ रुपये के फंड की मंजूरी दी गई है।

यहाँ हम आपको बता दें कि कोरोना महामारी Covid-19 के चलते लाखों मजदूर शहरों से और महानगरों से वापस लौटकर अपने गांव या ग्रह राज्य /जिले में आ गए हैं। ऐसे में उनको रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी एक अहम चुनौती है बनी हुई है भारत सरकार के लिए।

भारत सरकार द्वारा लांच इस अभियान से कितने प्रवासी श्रमिकों को लाभ होने का अनुमान है?

लगभग 116 जिलों के 25 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों के साथ इस अभियान में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार, और ओडिशा इन 6 राज्यों को चुना गया है, जिसमें शामिल होने की इच्छा जताने वाले 27 जिले शामिल हैं। ऐसा अनुमान है कि इन जिलों से 2/3 प्रवासी श्रमिकों को कवर किया जाएगा या लाभ मिलेगा।

भारत सरकार द्वारा लांच इस अभियान में कितने मंत्रालय या विभाग शामिल हैं?

इस अभियान में 12 विभिन्न मंत्रालयों या विभागों जिनमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि सहित शामिल करने का प्रयास रहेगा भारत सरकार का।

भारत सरकार द्वारा लांच ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ शुरू किया है। इसलिए, हम कह सकते हैं कि ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ एक व्यापक ग्रामीण सार्वजनिक कार्य योजना है।

COVID-19 महामारी लॉकडाउन में जो प्रवासी मजदूर अपने घर आ गए हैं उनको रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा।

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