गवर्नमेंट द्वारा चलाया गया अभियान जिसमे आप सहयोग कर सकते है।
गवर्नमेंट अभियान

गवर्नमेंट द्वारा चलाया गया अभियान जिसमे आप सहयोग कर सकते है।

जैसा की हमने आपको पहले के आर्टिकल में बताया था की Covid -19 के कारण से गवर्नमेंट ने faceless और paperless काम शुरू किया था अब गवर्नमेंट उसी प्रोसेस को निरंतर आगे बढ़ा रही है और बढ़ावा दे रही है ।

इस ही प्रयास में सेंटर बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण कदम लिया है उन्होंने Digital Shipping Bill जारी करने का फैसला लिया है ताकि अनावश्यक पेपर्स की बर्बादी ना हो और ढेर सारे प्रिंटआउट्स ना लेने पड़े और गवर्नमेंट के कस्टम हाउस में उन सब पेपर्स के रख रखाव में और देखभाल में समय और पैसा बर्बाद ना हो।

सेंटर बोर्ड ने CBIC Circular No.30/2020-Customs द्वारा यह निर्देश दिया कि w.e.f. 22.06.2020 Final LEO वाले शिपिंग बिल की केवल Digital Copy ही निर्यातक (देश से माल बाहर जाने या भेजने की क्रिया) को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित की जाएगी और निर्यातकों को उसकी हार्ड कॉपी नहीं दी जाएगी।

जो वर्तमान में जो Shipping Bill कि हार्ड कॉपी देने का जो चलन है और जो गवर्नमेंट के कस्टम हाउस में एक डाक्यूमेंट्स कलेक्शन ( जहां गवर्नमेंट के जरुरी कागजात रखे होते है। ) रखने का जो चलन है उसे गवर्नमेंट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।

गवर्नमेंट ने बहुत ज्यादा सर्कुलर में शिपिंग बिल के Final LEO कॉपी और शिपिंग बिल के गेट पास कॉपी की सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक संचार की मुख्य विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला है।

गवर्नमेंट ने शिपिंग बिल की Final LEO कॉपी में निम्नलिखित विशेषताएं दी है –

i) गवर्नमेंट ने पीडीएफ फाइल में Digital Signature और encrypted QR कोड होगा जिसे मोबाइल ऐप ICETRAK का उपयोग करके दस्तावेज़ की प्रमाणिकता को verify करने के लिए स्कैन किया जा सकता है।

ऐसा प्राबधान किया है इसका उपयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योकि QR code टेम्पर प्रूफ है तथा प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए CBIC द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है।

सुरक्षित QR code में शिपिंग बिल नंबर, शिपिंग बिल की तिथि, एफओबी मूल्य, पैकेज विवरण जैसे प्रमुख विवरण उपलब्ध होंगे । जिससे आपका काम जल्दी होगा।

ii) गवर्नमेंट ने यह फैसिलिटी कि है कि QR code में एक Version संख्या भी होगी जिसका उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जा सकता है कि क्या दस्तावेज़ वास्तव में Latest version है या नहीं। इस ही संख्या द्वारा ICEGATE App की inquiry होने पर verification में काम आएगी।

सरकार द्वारा शिपिंग बिल की ई – गेटपास कॉपी में निम्नलिखित विशेषताएं होंगी –

i) इससे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज महत्त्वपूर्ण जानकारी जैसे कंटेनर / पैकेज से सम्बंधित Key Summary विवरण प्रदान करता है और Entry / Exit के बिंदु पर Custodian द्वारा आसान और जल्दी से verification की सुविधा प्रदान करता है।

ii) इसमें पूरे E-Gatepass Document के लिए केवल दो प्रकार के QR Code होंगे और E-Gatepass के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक कंटेनर / पैकेज के लिए यह सुनिश्चित किया जायेगा कि केवल उन्हीं कंटेनरों / पैकेजों को बाहर निकलना है जो गेटपास उन दस्तावेज के तहत आते हैं।

इस Circular के अंतर्गत हमने यह पुन: बताया है कि Export के लिए, सभी सहायक दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से eSanchit में अपलोड किया जाना अनियार्य है और इन डाक्यूमेंट्स के physical dockets के संग्रह को अब रखने की आवशयकता नहीं है।

केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह प्रयास डिजिटल इंडिया की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के इस सराहनीय कदम द्वारा ढेर सारे प्रिंटआउट लेने से छुटकारा मिल जायेगा और ज्यादा से ज्यादा पेपर्स के उपयोग से भी अब छुटकारा मिलेगा।

और इस से एक्सपर्ट्स का कस्टम अधिकारिओं से कम से कम कनेक्शन होगा इस से भ्रष्टाचार में भी काफी कमी आएगी और सरकार द्वारा चलाया गया विशेष अभियान ” ease of doing business ” को भी और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा।

उद्देश्य :

इस आर्टिकल में सरकार द्वारा चलाया गया पेपरलेस और फेसलेस अभियान के बारे में जाना है। हमारी भी आपसे यही कहना है कि आप भी सरकार के इस अभियान में सहयोग करे।

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