40 वीं जीएसटी (GST) परिषद की बैठक की मुख्य विशेषताएं जाने क्या है ?
GST Meeting

40 वीं जीएसटी (GST) परिषद की बैठक की मुख्य विशेषताएं जाने क्या है ?

समय की मांग और कोविड-19 को देखते हुए जीएसटी (GST) काउंसिल की 40th मीटिंग में बहुत सारे बिंदुओं पर जीएसटी (GST ) मेंबर की निगरानी में विचार विमर्श हुआ। उसमें से एक बिंदु यह भी था की ब्याज एवं लेट फीस माफी हो |

40th जीएसटी (GST ) काउंसिल की मीटिंग में यह ध्यान रखा गया कि यदि Taxpayer का टर्नओवर 5 करोड़ से कम है तो उनको जीएसटी (GST) काउंसिल में रिटर्न में राहत देने पर विचार विमर्श हुआ और जो विचार विमर्श हुआ वह इस प्रकार है :

जो जीएसटी (GST) करदाता फरवरी, मार्च एवं अप्रैल 2020 का जीएसटीआर-3B रिटर्न, जिनका AGGREGATE TURNOVER 5 करोड से कम है उनको पूर्व में बिना ब्याज एवं लेट फीस के जीएसटीआर-3B रिटर्न 29.06 2020 तक फाइल करना था|

यदि जीएसटी (GST) करदाता अपना रिटर्न 5 जुलाई तक फाइल करता है तो उस अवधि में भी सरकार ने ब्याज माफ कर दिया है परंतु यदि जीएसटीआर-3B रिटर्न 6 जुलाई 2020 से 30 सितंबर 2020 के मध्य फाइल करता है तो उस स्थिति में उसको 9 प्रतिशत ब्याज देना होगा|

और यदि इसके पश्चात यदि रिटर्न फाइल करता है तो उसे 18% ब्याज जीएसटीआर-3B रिटर्न की ORIGINAL DUE DATE से देय होगा |

जो जीएसटी (GST ) करदाता मई, जून एवं जुलाई- 2020- कोविड-19 को धयान में रखते हुए जिनका टर्नओवर 5 करोड़ से कम है उनकी लेट फीस एवं ब्याज को माफ क्र दिया जायेगा |

यदि Taxpayer अपना रिटर्न मई, जून, और जुलाई-2020 का GSTR–3B रिटर्न NOTIFIED DATE से पहले फाइल कर देता है तो उस स्थिति में लेट फीस एवं ब्याज दोनों माफ कर दिए जायेंगे |

लेकिन जीएसटी (GST ) करदाता के लिए गवर्नमेंट को अभी DATE NOTIFY करनी है | इस जीएसटी करदाता कि मीटिंग में हर राज्य की तिथि अलग अलग होगी। इसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा।

जीएसटी (GST ) काउंसिल की 40th मीटिंग में निर्णय से छोटे करदाता को काफी हद तक राहत मिली है और दूसरी ओर बड़े करदाता को भी राहत मिली है वह राहत इस प्रकार है कि उन्हें पहले 15 दिन ब्याज से छूट है।

उसके पश्चात वह अपना रिटर्न नियत तिथि से 15 दिन बाद भर सकता है लेकिन इस स्थिति में उसे 9 प्रतिशत सरकार को ब्याज देना होगा।

इसके अलावा यदि करदाता फरवरी, मार्च, अप्रैल एवं मई-2020 के जीएसटीआर 3B रिटर्न दिनांक 24-06-2020 के बाद फाइल करता है तो उसे 18 प्रतिशत ब्याज को DUE DATE से देना होगा |

इस समय COVID-19 की अवधि में अधिकांश करदाता ने अभी तक अपना जीएसटीआर-3b रिटर्न फरवरी 2020 से मई 2020 तक फाइल नहीं किया है | अब यदि सरकार बड़े उद्योगों को भी ब्याज की छूट प्रदान करती है तो उनको भी काफी राहत मिलेगी |

अब हम सरकार से यही अनुरोध करते हैं कि बड़े करदाता को ब्याज का लाभ देना चाहिए जिससे उद्योगों को काफी राहत मिलेगी और देश में स्टार्टअप का माहौल बनेगा ,जो कि देश कि इकॉनमी में मदद करेगा |

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