10 लाख तक की इनकम पर आप ऐसे बचाएं पूरा टैक्‍स इन हिंदी
टैक्स सेविंग स्कीम

10 लाख तक की इनकम पर आप ऐसे बचाएं पूरा टैक्‍स इन हिंदी

टैक्स सेविंग स्कीम: अगर आप एक नौकरीपेशा हैं और टैक्स बचाने में लगे रहते हैं, या नयी नयी स्कीम का इंतजार करते है तो फिर अब आपको देर करने की जरा भी जरूरत नहीं है। में ऐसा क्यों कह रहा हूँ। फ्रेंड्स कई ऐसी योजनाएं हैं, जिसके जरिए आप टैक्स में लाखों रुपये तक की बचत कर सकते हैं।

टैक्स बचाने के लिए कई ऐसे कानूनों का प्रावधान किया गया है, जिसके जरिए आप अपनी सैलरी का काफी बड़ा हिस्सा बचा सकते हैं और उसे भविष्य में यूज़ क्र सकते है।

लेकिन टैक्स बचाने के लिए आपको कुछ निवेश करना पड़ सकता है। साथ ही कानून में टैक्स बचाने के लिए प्रावधान भी है। तो आइये जानते हैं उन योजनाओं के बारे में, जिनमें भारी-भरकम टैक्स बचाया जा सकता है।

PPF, NPS, लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम्स: सेक्शन 80 C

इनकम टैक्स कानून की धारा 80 C सैलरी बचाने के लिए बहुत बेहतर ऑप्शन है। इसमें आप 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। इसमें पीपीएफ, एनएससी, पांच साल की एफडी, पांच साल एनएससी, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, सुकन्या योजना जैसी कई स्कीम शामिल है। बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन के मूलधन के भुगतान पर भी छूट मिलती है।

मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम: सेक्शन 80 D

इस तरीके में सेक्शन 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा को लेकर आप अपने लिए, बच्चों के लिए , परिवार के लिए और पैरेंट्स की निर्भरता पर छूट का दावा कर सकते हैं। अपने या परिवार के प्रीमियम के लिए कटौती की सीमा सालाना 25,000 रुपये है।

एक फाइनेंशिएल ईयर में एक व्यक्ति लगभग 50,000 रुपये तक का दावा कर सकता है। हेल्थ चेकअप पर भी 50 हजार रुपये की कटौती का दावा किया जा सकता है। हालंकि हेल्थ चेकअप में एज लिमिट शामिल हो गयी है।

होम लोन पर ब्याज: सेक्शन 24

टैक्स बचाने के लिए तीसरा सबसे बड़ा रास्ता होम लोन है। सेक्शन 24 के अंतर्गत किसी वित्त वर्ष में ब्याज के भुगतान पर 2 लाख रुपये तक की रियायत भी मिलती है। लेट आउट प्रॉपर्टी के लिए, एक वित्तीय वर्ष में होम लोन पर चुकाए गए पूरी ब्याज का दावा कर सकते हैं। होम लोन के मूल धन पर सेक्शन 80 C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

उच्च शिक्षा पर लोन की कटौती: सेक्शन 80 E

इनकम टैक्स बचाने में कानून के सेक्शन 80 E के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर भी आयकर में छूट मिलती है। इसमें अधिकतम रकम की कोई सीमा निश्चित नहीं है। इससे आपके लिए एजुकेशन लोन की प्रभावी ब्याज दर बहुत कम हो जाती है।

देश या विदेश में पढ़ने के लिए लोन बैंक या वित्तीय संस्थान से लेना चाहिए। आप अपनी हायर एजूकेशन या पत्नी या बच्चों की हायर एजूकेशन के लिए सेक्शन 80 E में छूट का दावा कर सकते हैं।

डोनेशन में छूट का दावा: सेक्शन 80 G

धार्मिक संस्थानों को दान करने वाला व्यक्ति इनकम टैक्स के सेक्शन 80 G में आता है। जिसमे वह 80 G के तहत छूट का दावा कर सकता है। दान का भुगतान करने के लिए आप नकद के अलावा एक सिस्टम के तहत दान करना चाहिए।

सरकर ने अधिकतम नकद दान की राशि दो हजार रुपये की है। इसके बाद की धनराशि संस्थान पर निर्भर करती है कि वो कितना दान ले सकते हैं। सरकार द्वारा नोटईफाई कई फंड में दान करने से आप 100 फीसदी रकम पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं।

सेविंग एकाउंट इंट्रेस्ट पर कटौती: सेक्शन 80 TTA

बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज पर भी सेक्शन 80 TTA के तहत छूट का लाभ सरकर द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए आप अधिकतम 10,000 रुपये के ब्याज पर छूट हासिल कर सकते हैं।

वहीं सीनियर सिटीजन्स के लिए सेक्शन 80 TTB के तहत लगभग 40,000 रुपये तक छूट पा सकते हैं। हालांकि यह कटौती केवल जमा खातों से ब्याज के लिए है।

आवास ऋण पर ब्याज के लिए अतिरिक्त कटौती: सेक्शन 80 EE

सरकर के द्वारा सेक्शन 80 EE के अनुसार, पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को ब्याज पर लगभग 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। हालांकि, इसके लिए लोन राशि का 35 लाख रुपये और घर की कीमत का 50 लाख रुपये से कम होना जरुरी है । कोई व्यक्ति इस कटौती का दावा तभी कर सकेगा, जब उसके पास लोन लेते समय कोई अन्य संपत्ति न हो।

उद्देश्य :

दोस्तों आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको भारतीय कानून के तहत इनकम टैक्स कैसे बचाएं ? इनकम टैक्स बचाने के तरीके की जानकारी दी गयी है, जिसका इस्तेमाल कर के आप भी अपने दैनिक जीवन में आयकर विभाग को देने वाले कर से बच सकते हैं |

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